ठोस क्या हैं What is Solid In Hindi

ठोस अर्थात मजबूत, पक्का या फिर कड़ा । साधारण शब्दों में ठोस को ऐसे ही परिभाषित किया जाता है। इस पोस्ट में ठोस क्या हैं, पदार्थ की ठोस अवस्था, उसके गुण, ठोस पदार्थ के नाम एवं इसके उदाहरण आदि देखेंगे।

ठोस से क्या समझते हैं?

ठोस पदार्थों में अंतरा- अणुक आकर्षण बल काफी मजबूत होता है जिससे पदार्थ के कण एक-दूसरे के काफी नजदीक रहते हैं तथा वे मजबूती से एक दूसरे से बंधे रहते हैं। ठोस पदार्थों में अंतरा- अणुक का स्थान बहुत कम होता है इसी कारण पदार्थ के काण एक जगह से दूसरी जगह पर स्वतंत्रता पूर्वक गमन नहीं कर सकते हैं।

हां वह अपने विराम के बीच स्थान में स्वतंत्र रूप से गमन कर सकते हैं।

ठोस पदार्थ के नाम

जिस वस्तु के बीच अंतरा- अणुक बल अधिक मजबूत होते हैं उनके कण एक दूसरे से सटे हुए होते हैं जैसे ठोस पदार्थ के नाम – चीनी , लकड़ी, पत्थर, पुस्तक, रबड़ बैंड, नमक आदि।

ठोस पदार्थ के गुण

ठोस पदार्थ के गुण निम्नलिखित होते हैं जो नीचे के पंक्ति में इस प्रकार से दिए गए हैं –

  • इस (Solid) पदार्थ की आकृति और आयतन निश्चित होते हैं।
  • ठोस पदार्थों में अंतरा- अणुक स्थान बहुत कम होता हैं।
  • अंतरा- अणुक आकर्षण बल काफी मजबूत होने कारण उनके कण ना तो एक दूसरे से नजदीक आ सकते हैं और ना ही दूर जा सकते हैं।
  • ठोस पदार्थ कठोर (hard) और दृढ़ (rigid) होते हैं।

ठोस पदार्थ के उदाहरण

  • पुस्तक अर्थात किताब एक ठोस पदार्थ है इसकी आकृति और आयतन निश्चित होते हैं।
  • चीनी और नमक भी ठोस पदार्थ है। चीनी या नमक के किसी भी क्रिस्टल की आकृति निश्चित होती है।
  • टेबल भी एक ठोस पदार्थ है इसकी आकृति निश्चित होती है तथा यह एक निश्चित स्थान (आयतन) घेरती है।
  • नमक और चीनी जैसे कुछ ठोस पदार्थ ऐसे हैं जिन्हें जिस बर्तन में रखा जाता है वह उसी बर्तन की आकृति ग्रहण कर लेते हैं फिर भी यह पदार्थ ठोस है क्योंकि इनके छोटे-छोटे
    रवों की आकृति किसी भी बर्तन में अपरिवर्तित रहती है।
  • रबड़ बैंड भी ठोस पदार्थ है क्योंकि इसको खींचने पर इसकी आकृति तो बदल जाती है लेकिन जैसे ही खिंचाव हटता है वैसे ही वह वस्तु अपने पहली आकृति में आ जाती है।

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सरल शब्दों में घनत्व ठोस के रुप में क्या है?

ठोस पदार्थ का घनत्व उच्च होता हैं। किसी द्रव्य के इकाई आयतन के द्रव्यमान उसका ‘घनत्व’ (Density) कहलाता हैं अर्थात

घनत्व = द्रव्यमान / आयतन

आयतन को प्रायः घनमीटर m3 या लीटर L में व्यक्त किया जाता हैं। इसका S.I. मात्रक किलोग्राम मीटर क्यों (Kg/m3) होता है।

द्रवणांक और क्वथनांक ठोस के रुप में

ठोस पदार्थों के द्रवणांक और क्वथनांक प्रायः उच्च high होते हैं इसका कारण यह है कि ठोस पदार्थों में अंतरा-अणुक आकर्षण बल इतना अधिक मजबूत होता है कि इसे तोड़ने के लिए पर्याप्त ऊष्मा ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है । ठोस पदार्थ के द्रवणांक और क्वथनांक कमरे के ताप से भी अधिक होते हैं।

संपीड्यता (Compressibility) ठोस के रुप में

ठोस पदार्थ असंपीड्य होते हैं अर्थात ठोस पदार्थ पर दाब बढ़ाकर या दाब घटाकर उनके आयतन को क्रमशः घटाया या फिर बढ़ाया नहीं जा सकता है। इसका कारण बस सिंपल है कि ठोस पदार्थ में अंतर-अणुक स्थान इतना अधिक कम होता है कि उसे और अधिक कम नहीं किया जा सकता हैं।

उदाहरण के लिए पावरोटी या स्पंजी पदार्थ अपवाद हैं। यदि यह भी ठोस पदार्थ है किंतु इनके अंतर-अणुक स्थान में वायु भरी होने के कारण इन पर दाब का सकारात्मक प्रभाव पड़ता हैं। इन्हें दाब बढ़ाकर आसानी से संपीड़ित किया जा सकता है। दाब बढ़ाने पर इनके अंदर की हवा बाहर निकल जाती है।

अक्सर कंफ्यूज करने वाले प्रश्न –

1. ठोस पदार्थ में बहाव की प्रवृत्ति होती है?

उत्तर – नहीं ।

2. वह ताप जिस पर ठोस द्रव में परिवर्तित होता है कहलाता है?


उत्तर – द्रवणांक ।

3. ठोस पदार्थ के आकृति और आयतन होते हैं?


उत्तर – निश्चित होते हैं।

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By Chandan Kumar

Hello My Name Is Chandan Kumar Pal. I am a Writer and Founder of dtution.com

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